पर्युषण महापर्व 2026 — धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

।। सादर जय जिनेन्द्र ।।

श्री 1008 पार्श्वनाथ त्रिकाल चौबीसी दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व के पावन अवसर पर विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

पर्युषण महापर्व आत्मशुद्धि, संयम, साधना और धर्माराधना का पावन पर्व है। गत वर्ष की भांति, इस वर्ष भी यह महापर्व बड़े ही हर्षोल्लास, भक्तिभाव एवं धार्मिक वातावरण में मनाया जाना निश्चित हुआ है।

इसी क्रम में महापर्व के दौरान होने वाले दैनिक धार्मिक कार्यक्रमों एवं सांस्कृतिक आयोजनों की संपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है।

इन आयोजनों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि हर पीढ़ी के व्यक्ति को धर्म से जोड़ना तथा धर्म से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के ज्ञान, संस्कार एवं धार्मिक भावना का वर्धन करना है।


कार्यक्रम की समय-सारिणी

प्रत्येक दिन कार्यक्रम का क्रम निम्नानुसार रहेगा:

समय कार्यक्रम
प्रातः 7:00 बजे अभिषेक व सामूहिक पूजन (भू तल)
सायं 7:00 बजे सामूहिक आरती
सायं 7:30 सेप्रवचन
(श्री प्रकाश जैन शास्त्री जी द्वारा)
सायं 8:00 सेसांस्कृतिक कार्यक्रम

सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएँ

दिनांकवारकार्यक्रमविवरण
16 सितंबर 2026बुधवार
उत्तम क्षमा
प्रतिभा दर्शनप्रतिभागी अपनी प्रतिभा जैसे गीत, भाषण, वाद्य यंत्र आदि प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रत्येक प्रतिभागी को प्रस्तुति के लिए 2 मिनट का समय दिया जाएगा।
17 सितंबर 2026गुरुवार
उत्तम मार्दव
तात्कालिक प्रतियोगिता (Extempore)दिए गए विषय पर प्रतिभागियों को 3 मिनट की तात्कालिक प्रस्तुति देनी होगी। विषय दशलक्षण, धर्म से संबंधित होंगे।
18 सितंबर 2026शुक्रवार
उत्तम आर्जव
आरती की थाल सजाओ प्रतियोगितापरिवार को आरती की थाल घर से सजाकर लानी है। इन्हीं सजी हुई थालियों से शाम की आरती की जाएगी। सजी हुई थाल शाम 5 बजे तक मंदिर में जमा करनी होगी।
19 सितंबर 2026शनिवार
उत्तम शौच
धार्मिक अंताक्षरीप्रतियोगिता में 3 टीमें होंगी। प्रत्येक टीम में 5 सदस्य होंगे। आप टीम सहित/रहित नाम दर्ज करा सकते हैं।
20 सितंबर 2026रविवार
उत्तम सत्य
धार्मिक तंबोलाधार्मिक विषय-वस्तु पर आधारित तंबोला।
21 सितंबर 2026सोमवार
उत्तम संयम
धूप दशमी
22 सितंबर 2026मंगलवार
उत्तम तप
धार्मिक वेशभूषा प्रतियोगिता (Fancy Dress)प्रतियोगिता में कोई आयु सीमा नहीं है। प्रतिभागियों को धार्मिक वेशभूषा में 2 मिनट की प्रस्तुति/भाषण देना होगा।
23 सितंबर 2026बुधवार
उत्तम त्याग
कौन बनेगा धर्मशिरोमणिधर्म एवं ज्ञान पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता।
24 सितंबर 2026गुरुवार
उत्तम आकिंचन्य
लड्डू बनाओ प्रतियोगितालड्डू बनाकर घर से लाने होंगे। इन्हीं लड्डुओं को 25 सितंबर को भगवान वासुपूज्य को अर्पित किया जाएगा।
25 सितंबर 2026उत्तम ब्रह्मचर्य भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक
16–25 सितंबर 2026रंगोली प्रतियोगितामहापर्व के प्रत्येक दिन मंदिर जी में एक रंगोली बनाई जाएगी। इसके लिए कोई एक विशेष दिन निर्धारित नहीं है। प्रतिभागी प्रविष्टि देते समय अपनी सुगमतानुसार दिन का चयन कर सकते हैं।
नाटकनाटक के लिए प्रतिभागियों से प्रविष्टियाँ आमंत्रित हैं।

25 सितंबर, उत्तम ब्रह्मचर्य के दिन भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा, एवम निर्वाण लाडू अर्पित किया जाएगा।

प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए नीचे दिया फॉर्म में नामांकन करायें।

पुरस्कार संबंधी सूचना

प्रतिभा दर्शन एवं मंगलाचरण प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं हैं, अतः इन में पुरस्कार की श्रेणी नहीं है।

रंगोली प्रतियोगिता

पर्युषण महापर्व के दौरान मंदिर जी में विशेष रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

16 से 25 सितंबर 2026 तक महापर्व के प्रत्येक दिन मंदिर में एक रंगोली बनाई जाएगी। इसके लिए कोई एक विशेष दिन निर्धारित नहीं किया गया है।

प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी अपनी प्रविष्टि देते समय यह भी बताएं कि वे किस दिन रंगोली बनाना चाहते हैं।

प्रविष्टियाँ सीमित हैं और सहभागिता पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी।


प्रतियोगिताओं में सहभागिता हेतु आवश्यक सूचना

सभी कार्यक्रमों को व्यवस्थित एवं निर्बाध रूप से आयोजित करने के लिए उनकी तैयारी पूर्व से की जा रही है। अतः सभी इच्छुक प्रतिभागियों से अनुरोध है कि वे 16 सितंबर से पूर्व अपनी प्रविष्टि दर्ज करा दें, जिससे कार्यक्रमों की उचित व्यवस्था एवं तैयारी समय पर की जा सके।

सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी अवधपुरी जिनालय के WhatsApp समूह के माध्यम से अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।

सभी प्रतियोगिताओं में सहभागिता पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी। प्रत्येक प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियाँ सीमित हैं।

मंगलाचरण

पर्युषण महापर्व के प्रत्येक दिन के कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण की प्रस्तुति से होगी।

मंगलाचरण की प्रस्तुतियों हेतु 10 नाम आमंत्रित हैं।

  • मंगलाचरण किसी भी रूप (गाना या नृत्य) में प्रस्तुत किया जा सकता है।
  • इसमें कोई आयु सीमा नहीं है।
  • प्रस्तुति का समय 1 से 2 मिनट रहेगा।
  • यह प्रतियोगिता का भाग नहीं है।

इच्छुक श्रद्धालु अपना नाम देकर इस पावन आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं।


महत्वपूर्ण सूचना — मंदिर की वेबसाइट के नवीनीकरण हेतु पुण्यार्जक आमंत्रित

श्री 1008 पार्श्वनाथ त्रिकाल चौबीसी दिगंबर जैन मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट मंदिर से संबंधित जानकारी, धार्मिक आयोजनों, कार्यक्रमों एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं को श्रद्धालुओं तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

मंदिर की वेबसाइट के डोमेन एवं होस्टिंग का नवीनीकरण किया जाना आवश्यक है। समय पर नवीनीकरण नहीं होने की स्थिति में वेबसाइट 14 सितंबर 2026 से बंद हो सकती है।

वेबसाइट को अगले एक वर्ष तक निरंतर संचालित रखने के लिए डोमेन एवं होस्टिंग नवीनीकरण में लगभग ₹3,500 का व्यय आएगा। इस पुण्य कार्य के लिए पुण्यार्जक आमंत्रित हैं।

जो श्रद्धालु मंदिर की वेबसाइट के डोमेन एवं होस्टिंग के पुण्यार्जक बनकर इस कार्य में सहयोग करना चाहते हैं, वे कृपया संपर्क करें।

संपर्क हेतु WhatsApp: +91 9202743094 (श्री विनोद जैन)

अथवा, यदि आप सीधे सहयोग/दान करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से दान कर सकते हैं:

आपका सहयोग मंदिर की डिजिटल उपस्थिति को निरंतर बनाए रखने तथा मंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को श्रद्धालुओं तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।


सादर आमंत्रण

सभी श्रद्धालुओं से सादर अनुरोध है कि पर्युषण महापर्व के दौरान आयोजित होने वाले अभिषेक, सामूहिक पूजन, आरती, प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करें।

आइए, इस पावन पर्व को धर्म, संयम, ज्ञान, संस्कार और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाएं और पर्युषण महापर्व की आध्यात्मिक भावना को अपने जीवन में आत्मसात करने का प्रयास करें।

आपकी सहभागिता एवं सहयोग से पर्युषण महापर्व के ये आयोजन और अधिक मंगलमय एवं सफल बनेंगे।

सादर,

श्री 1008 पार्श्वनाथ त्रिकाल चौबीसी दिगंबर जैन मंदिर परिवार


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